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जानिए सुल्तानपुर नेशनल पार्क के बारे में अनोखी जानकारी

पक्षी किसे पसंद नहीं? उनकी तरह बेफ़िक्र कहीं भी उड़ जाना किसे पसंद नहीं? सभी के दिमाग में कभी न कभी ये बात ज़रूर आती है कि “काश हमारे भी पंख होते, जब मन चाहे उड़ कर दूर देश की सैर कर आते।” खैर यह तो रही अपनी-अपनी कल्पना की बातें, अब चलिए हकीकत की दुनिया में चलते हैं हम पक्षियों के नगर में। कोई बात नहीं अगर हमारे पंख नहीं हैं और हम उनकी तरह उड़ नहीं सकते, उन्हें देख उनकी खूबसूरती को सराह तो सकते हैं।

जी हाँ शुक्र हो पीटर जैक्सन और सलीम अली जैसे पक्षी वैज्ञानिकों का जिनकी वजह से आज हम पक्षियों के स्वर्ग की तरह खूबसूरत, हरियाणा के सुल्तानपुर नेशनल पार्क को देख सकते हैं। यह शांत और खूबसूरत स्थल स्थानीय पक्षियों के साथ-साथ प्रवासी पक्षियों का भी निवास स्थल है।

ज़माने पहले यह एक शिकार करने का क्षेत्र हुआ करता था, पर शुक्र हो कुछ वन्यजीव प्रेमियों का जिनकी वजह से आज यह जगह बर्बाद होने से बच गई। आज हम इस संरक्षित निवासस्थल को एक नेशनल पार्क की तरह जानते हैं। तो चलिए चलते हैं सुल्तानपुर नेशनल पार्क के एक खूबसूरत सफ़र में कुछ खूबसूरत तस्वीरों के साथ!

सुल्तानपुर नेशनल पार्क

सुल्तानपुर नेशनल पार्क दिल्ली से 45 किमी दक्षिण-पश्चिम में तथा गुड़गाँव से 15 किमी की दूरी पर स्थित है। अनेक प्रकार के पक्षी, घने पेड़ों व झीलों से सुशोभित यह नेशनल पार्क ‘हरियाली के स्वर्ग’ के समान है। यहाँ पर बहुत सारी छोटी-छोटी झाडि़याँ, घास का मैदान और बहुत अधिक संख्या में बोगनवेलिया के पौधे हैं। ये सभी हमें यहाँ प्रकृति की गोद में कुछ समय बिताने के लिए आमंत्रित करते हैं।

सुल्तानपुर नेशनल पार्क

सुल्तानपुर नेशनल पार्क

यह नेशनल पार्क प्रवासी पक्षियों की आरामगाह के रूप में जाना जाता है। सितम्बर माह से यहाँ तरह-तरह के प्रवासी पक्षियों का आगमन प्रारंभ हो जाता है। इन दुर्लभ पक्षियों के जमावड़े व अठखेलियों से पार्क की खूबसूरती में चार चाँद लग जाते हैं। पार्क के सुंदर नजारे व विविध प्रकार के पक्षियों को निहारने के लिए यहाँ कई सारे वॉच टावर बनाए गए हैं, जहाँ से आप पार्क की खूबसूरती व इन पक्षियों के कार्यकलापों को करीब से देखने व जानने का लुत्फ उठा सकते हैं।

सुल्तानपुर नेशनल पार्क में पक्षी

सुल्तानपुर नेशनल पार्क के पक्षी कुछ स्थानीय पक्षी जो यहाँ पाए जाते हैं, वे हैं:- बिल बत्तख, यूरेशियन थिक नीज़, छोटे बगुले, सफ़ेद गले वाले किंगफ़िशर, कबूतर, नीलकंठ, कॉमन हूप्स, इंडिया क्रेस्टेड लार्क्स, आदि मौजूद हैं। सुल्तानपुर नेशनल पार्क के पक्षी प्रवासी पक्षी यहाँ मुख्यतः ठण्ड के मौसम में अक्टूबर से जनवरी के महीने में आ वास करते हैं।

सुल्तानपुर नेशनल पार्क

सुल्तानपुर नेशनल पार्क

250 से भी ज़्यादा पक्षियों की जातियां सुल्तानपुर नेशनल पार्क में पाए जाते हैं। सुल्तानपुर नेशनल पार्क के पक्षी स्टॉर्क, राजहंस, येलो वैगटेल्स, पेलिकन, साइबेरियाई सारस, काले पंखों वाला स्टिल्ट, जलकाग, कॉमन ग्रीनशैंक्स, कुरजां आदि कुछ ऐसे प्रमुख प्रवासी पक्षियों की प्रजातियां हैं जो हर ठण्ड के मौसम में इस पार्क की ओर पलायन करते हैं।

सुल्तानपुर नेशनल पार्क का इतिहास

पहले, सुल्तानपुर में एक समृद्ध नमक विनिर्माण उद्योग हुआ करता था। कुछ समय बाद इस उद्योग में भारी गिरावट दर्ज की गई क्यूंकि ब्रिटिश सरकार ने उत्पादनों पर भारी कर लगाना शुरू कर दिया। उसके बाद ही पक्षी वैज्ञानिक पीटर जैक्सन ने तत्कालीन प्रधान मंत्री, श्रीमती इंदिरा गाँधी से तालाब के चारों ओर बसे इस क्षेत्र को बचाने की अपील की। इसके बाद तुरंत ही शुरुआत में इस जगह को सन् 1972 में सुल्तानपुर नेशनल पार्क के रूप में घोषित कर दिया गया। अभ्यारण्य को नेशनल पार्क का दर्जा सन् 1989 में मिला।

सुल्तानपुर नेशनल पार्क की दिलचस्प बातें

तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी को गिरफ़्तारी के बाद सुल्तानपुर नेशनल पार्क के वन विश्राम घर में कैदी बना कर रखा गया था।

इस पार्क में एक बार में सिर्फ 10 ही पर्यटकों को अंदर जाने की अनुमति है, ताकि पार्क में ज़्यादा भीड़ ना हो और आप शांति और आराम से पक्षियों को देखने का खूबसूरत अनुभव ले सकें।

सुल्तानपुर नेशनल पार्क के अंदर व्यवस्थित संरचना देखकर मज़ा आ जायेगा। प्रकृति की खूबसूरती को बरक़रार रखते हुए अभ्यारण्य में काफ़ी अच्छी सुविधाएँ उपलब्ध हैं।

  1. पक्षियों की खूबसूरती को अच्छी तरह से निहारने के लिए यहाँ 4 टावर बने हुए हैं।
  2. पर्यटकों की सुविधा के लिए यहाँ दूरबीन भी उपलब्ध हैं।
  3. एक पुस्तकालय और व्याख्या केंद्र भी स्थापित है। (एक अलग से कमरा बना हुआ है जिसमें सलीम अली की किताबें उपलब्ध हैं।)
  4. आराम करने और निजी कार्य के लिए बाथरूम, छोटा से कॉटेज, गेस्ट हाउस और जंगल विश्राम घर की भी व्यवस्था है।
  5. खाने के इंतज़ाम के लिए छोटा सा रेस्टोरेंट स्थित है।
  6. बच्चों के खेलने के लिए एक चिल्ड्रेन पार्क भी मौजूद है।

सुल्तानपुर नेशनल पार्क जाने का सही समय

सुल्तानपुर नेशनल पार्क जाने का सही समय अक्टूबर से जनवरी के महीने, जब ठण्ड का मौसम होता है, सुल्तानपुर नेशनल पार्क जाने का सबसे सही समय है। यह वही समय है जब अन्य प्रवासी पक्षी भी इस जगह पर आ वास करते हैं।

सुल्तानपुर नेशनल पार्क पहुँचें कैसे?

सुल्तानपुर नेशनल पार्क, गुड़गाँव-फर्रुखनगर-झज्जर हाईवे पर स्थित है। यह गुड़गाँव से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर है और नई दिल्ली से लगभग 42 किलोमीटर की दूरी पर। क्यूंकि यह दिल्ली के एनसीआर क्षेत्र में पड़ता है, दिल्ली से वीकेंड के समय पर्यटन के लिए सबसे अच्छी जगहों में से एक है। दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन द्वारा सबसे पहले हुडा सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन पर पहुँच कर, वहां से कोई निजी कैब या ऑटो बुक कर आप इस पार्क तक पहुँच सकते हैं।

सुल्तानपुर क्यों है खास 

* कई प्रकार के दुर्लभ पक्षियों की उपलब्धता।

* प्राकृतिक सुंदरता से आच्छादित स्थल।

* एक अच्छा पिकनिक स्पॉट।

* हरियाणा टूरिज्म के बेहतर होटल उपलब्ध।

* वॉच टॉवर से पक्षियों को करीब से देखने का मजा।

सुल्तानपुर नेशनल पार्क : पता, एंट्री फी, टाइमिंग, अवकाश

पता : फारुखनगर रोड़, सुल्तानपुर, गुरुग्राम, हरियाणा

टाइमिंग : सुबह 7 बजे से शाम 4:30 बजे तक खुला रहता है

अवकाश : मंगलवार को बंद रहता है

एंट्री फी

5 रुपये वयस्कों के लिए प्रवेश शुल्क

2 रुपये बच्चों के लिए प्रवेश शुल्क

40 रुपये विदेशियों के लिए प्रवेश शुल्क

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