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जानिए हरियाणा के कुरुक्षेत्र में प्रसिद्ध तीर्थ स्थान बाणगंगा के बारे जानकारी

महाभारत काल में कौरव-पांडवों के बीच हुए युद्ध का साक्षी रहा कुरुक्षेत्र नगर धर्मनगरी के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक व धार्मिक महत्त्‍‌व के कारण आज यह नगर हरियाणा ही नहीं बल्कि पूरे देश में प्रसिद्ध तीर्थ स्थान की पहचान बनाए हुए है। कुरुक्षेत्र व इसके आस-पास के क्षेत्र में अनेक दर्शनीय तीर्थ स्थल हैं।

कुरुक्षेत्र में स्थित ब्रह्म सरोवर से पूर्व दिशा में लगभग ढाई किलोमीटर की दूरी पर बसे ऐतिहासिक गांव दयालपुरा के निकट बाणगंगा तीर्थ महाभारत काल में हुए कौरव-पांडवों के युद्ध की यादों को संजोए हुए है। आज हम आपको कुरुक्षेत्र स्थित बाण गंगा के बारे में बतायेंगें

बाण गंगा

बाण गंगा महाभारत कालीन एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थान है, जो हरियाणा राज्य के कुरुक्षेत्र ज़िले में स्थित है। यह स्थान महाभारत कालीन घटनाओं से जुड़ा हुआ है, जिस कारण इसका महत्व बहुत ज़्यादा है। कुरुक्षेत्र से पेहवा जाने वाले मार्ग पर ज्योतिसर से कुछ पहले ही मुख्य मार्ग से जुड़ा हुआ एक मार्ग दयालपुरा गाँव तक जाता है,

जहाँ ‘बाण गंगा’ स्थित है। अनुमान किया जाता है कि अर्जुन के रथ के घोड़े लगातार भागते रहने और घायल होने कारण व्यथित और थक गये थे। तब श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को यह बात बताने पर अर्जुन ने इसी स्थान पर अपने बाण के प्रहार से गंगा को प्रकट किया और श्रीकृष्ण ने घोड़ों को पानी पिलाया।

प्रसिद्ध तीर्थ स्थान

महाभारत काल में कौरव-पांडवों के बीच हुए युद्ध का साक्षी रहा कुरुक्षेत्र नगर धर्मनगरी के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक व धार्मिक महत्त्‍‌व के कारण आज यह नगर हरियाणा ही नहीं बल्कि पूरे भारत में प्रसिद्ध तीर्थ स्थान की पहचान बनाए हुए है।

कुरुक्षेत्र व इसके आस-पास के क्षेत्र में अनेक दर्शनीय तीर्थ स्थल हैं। कुरुक्षेत्र में स्थित ‘ब्रह्म सरोवर’ से पूर्व दिशा में लगभग ढाई किलोमीटर की दूरी पर बसे ऐतिहासिक गाँव दयालपुरा के निकट ‘बाण गंगा तीर्थ’ महाभारत काल में हुए कौरव-पांडवों के युद्ध की यादों को संजोए हुए है।

तीर्थ परिसर

तीर्थ परिसर में एक पुरातन सरोवर निर्मित है। विशाल बजरंग बली की प्रतिमा भी यहाँ दर्शनीय है। प्राचीन सरोवर के दक्षिण-पश्चिम में दयालपुरा गाँव बसा हुआ है। मन को शांति व ऊर्जा प्रदान करने वाला यह एक सुरमय तीर्थ स्थान है।

भक्तों द्वारा यहाँ मिट्टी के घोड़े अर्पित किए जाते हैं। वर्तमान समय में अर्जुन के बाण लगने वाले स्थान पर एक कुएँ का निर्माण किया गया है तथा हनुमानजी की विशाल प्रतिमा के साथ-साथ यहाँ शर-शैय्या पर लेटे हुए भीष्म पितामह की मूर्ति भी है।

पता : बाण गंगा, दयालपुर, थानेसर, हरियाणा

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