Browse By

जानिए एक अनोखे म्यूजियम सुलभ अंतरराष्ट्रीय म्यूजियम के बारे में जानकारी

आज तक आपने कई म्यूजियम की यात्रा की होगी। विज्ञान संग्रहालय, कला संग्रहालय, रेल संग्रहालय, आदि जैसे कई ऐसे म्यूजियम भारत में हैं जिनकी जानकारी पाना आपके लिए लाभदायक है। ऐसे ही म्यूजियमों के बीच एक ऐसा म्यूजियम भी है जिसे सुन कर आपके मूंह से सबसे पहली बात यही निकलेगी,’ Oh shit! Really?’ जी हाँ! सच में, shit से भी संबंधित एक ऐसा म्यूजियम है जो आपको पुराने ज़माने से लेकर अब तक और अन्य दूसरे देशों के प्रसाधन यानी की टॉयलेट की जानकारियों से अवगत कराएगा। तो आइये जानते है इसके बारे में विस्तार से

सुलभ अंतरराष्ट्रीय म्यूजियम

टॉयलेट का सुलभ अंतरराष्ट्रीय म्यूजियम देश की राजधानी दिल्ली में स्थित है, जिसे सन् 1992 में सामाजिक कार्यकर्ता, डॉक्टर बिंदेश्वर पाठक द्वारा स्थापित किया गया था। राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के विचार, ‘स्वच्छता आज़ादी से ज़्यादा ज़रूरी है’, से प्रेरित होकर ही इस म्यूजियम की स्थापना लोगों को टॉयलेट का इस्तेमाल कर स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से किया गया था।

सुलभ अंतरराष्ट्रीय म्यूजियम का उद्देश्य

इस संग्रहालय को सुलभ इंटरनेशनल नामक संस्था द्वारा चलाया जाता है, जो अपने आदर्श वाक्य को जनता को बताते हैं इस संस्था का मुख्य उद्देश्य लोगों को शौचालय के इतिहास से रु-ब-रु कराना और उन्हें शौचालय का इस्तेमाल कर स्वच्छता के प्रति जागरूक कराना।

इस संग्रहालय में तथ्यों, चित्र और वस्तुओं, घटनाओं, कालक्रम में शौचालयों के विकास के वर्णन का एक दुर्लभ संग्रह है। यहाँ आने पर आपको बर्तन कक्ष, शौचालय फर्नीचर, और पानी के नल जो आज से 2500 ईसा पूर्व (इस्तेमाल होते थे) के अलावा आज इस आधुनिक युग में इस्तेमाल होने वाले सामान यहाँ दिखेंगे।

साउथ आफ्रिका का सोलर टॉयलेट

म्यूजियम में टॉयलेट से संबंधित तकनीकों और उनके विकास से संबंधित सारे ऐतिहासिक जानकारियों को प्रदर्शित किया गया है। यहाँ के डिसप्ले बोर्ड में टॉयलेट से संबंधित कविताएँ और उनके उपयोग भी उल्लेखित हैं। 1145 ए.डी. से प्रचलित पिछले सारे चेंबर पॉट्स, सजे हुए विक्टोरियन टॉयलेट सीट्स, टॉयलेट फर्निचर, बाइडेट्स, जल कक्ष आदि सारे आइटम्स को प्रदर्शित किया गया है।

सुलभ अंतरराष्ट्रीय म्यूजियम का दृश्य

म्यूजियम में प्रदर्शित अलग अलग तरह के शौचालय हैं यहाँ आपको रोमन सम्राटों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले सोने चाँदी के शौचालय भी देखने को मिलेंगे। हड़प्पा संस्कृति द्वारा अपनाए गये सीवेज़ सिस्टम का भी यहाँ उल्लेख किया गया है। इस म्यूजियम के एक हिस्से में सीवेज ट्रीटमेंट को भी दर्शाया गया है, जो बायोगैस प्लांट के साथ जुड़ा हुआ है।

सुलभ अंतरराष्ट्रीय म्यूजियम : पता एंट्री फी, टाइमिंग

पता : सुलभ भवन, महावीर एन्क्लेव, पालम डाबरी मार्ग, नई दिल्ली

टाइमिंग

सुबह 9 बजे से शाम के 6 बजे तक खुला रहता है। (सोमवार से शनिवार तक)

सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक खुला रहता है (रविवार)

एंट्री फी : आप यहां निशुल्क प्रवेश कर सकते हैं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *