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जानिए दिल्ली के प्राचीन और ऐतिहासिक लक्ष्मीनारायण मंदिर के बारें में

यूं तो राजधानी दिल्ली में कई खूबसूरत मंदिर बने है लेकिन कनॉट प्लेस के मंदिर मार्ग पर स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर अपने आप में अद्भुत है। इस मंदिर की ख़ासियत है यह कि यह उस दौर में बनाया गया था जब देश आजादी के लिए ब्रिटिश हुकुमत से लोहा ले रहा था।

जी हां,,दिल्ली के सबसे पुराने मंदिरों में शामिल लक्ष्मीनारायण मंदिर सन् 1938 में बनाया गया जिसका उद्घाटन स्वयं भारतीय राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हाथों हुआ। तो चलिए आज इस ऐतिहासिक धरोहर की जानकारी आपको देते है क्योंकि इसके नाम के साथ इसका इतिहास भी काफी रोचक रहा है,,।

लक्ष्मीनारायण मंदिर का इतिहास

दिल्ली स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिरर

दिल्ली स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर

लक्ष्मीनारायण मंदिर राजधानी दिल्ली में स्थित है। यह हिंदुओं के पवित्र स्थलों में से एक है। इसे दिल्ली का बिड़ला मंदिर भी कहा जाता है। कनॉट प्लेस के पश्चिम में स्थित यह मंदिर 1938 में उद्दोगपति राजा बलदेव बिड़ला द्वारा बनवाया गया था। बता दें मंदिर का निर्माण कार्य 1933 में शुरु किया गया था। वहीं सन् 1939 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी द्वारा इस मंदिर का उद्घाटन किया गया। मंदिर की ख़ासियत यह है कि इस मंदिर में हिंदू धर्म की सभा शाखाओं के दर्शन किए जा सकते हैं।

भगवान लक्ष्मीनारायण को समर्पित मंदिर

बिरला मंदिर व लक्ष्मी नारायण मंदिर एक हिंदू मंदिर है जो पूरी तरह से भगवान लक्ष्मी नारायण को समर्पित है। इसके अलावा इस मंदिर के चारों ओर भगवान कृष्ण, शिव, गणेश, हनुमान और बुद्ध को समर्पित छोटे मंदिर भी हैं। यहां देवी दुर्गा- शक्ति की देवी, को समर्पित एक मंदिर है।

लक्ष्मीनारायण मंदिर की बनावट व स्वरुप

लक्ष्मीनारायण मंदिर का रात का दृश्य

लक्ष्मीनारायण मंदिर का रात का दृश्य

यह मंदिर लगभग 7.5 एकड़ में फैला है जिसमें कई मंदिर, बाग और गीता भवन स्थित है । तीन मंजिला यह मंदिर हिंदू, मंदिर वास्तुकला के नागारा शैली में बनाया गया है। आचार्य विश्वनाथ शास्त्री की अध्यक्षता में बनारस के लगभग 100 कुशल  कारीगरों द्वारा मंदिर की मूर्तियों की नक्काशी की गई थी।

बतातें चलें कि मंदिर के पिछले हिस्से में यज्ञशाला के साथ कृत्रिम पहाड़ी, गुफ़ाएं, झरने बनाए गए हैं। वहीं मंदिर के साथ स्थित गीता भवन में भगवान कृष्ण की प्रतिमा और महाभारतकाल के खूबसूरत चित्र आसानी से देखे जा सकते हैं। एक तरफ़ भगवान बुद्ध के जीवन दर्शन को भी दिखाया गया है।

लक्ष्मीनारायण मंदिर की वास्तुकलाकृति

मंदिर की मूर्तियों जयपूर से लाए गए संगरमरमर द्वारा बनाई गई थी। इसके परिसर के निर्माण में मकराना,  आगरा, कोटा और जैसलमेर का कोटा पत्थर का इस्तेमाल किया गया था।  इसके वास्तुशिल्प की बात करें तो यह मंदिर उड़ियन शैली में निर्मित है।  मंदिर का बाहरी हिस्सा सफेद संगमरमर और लाल बलुआ पत्थर से बना है। मंदिर में तीन ओर दो मंजिला बरामदे स्थापित किए गए है।

क्यों जाएं बिरला उर्फ लक्ष्मीनारायण मंदिर

वैसे तो प्रत्येक धार्मिक स्थल के द्वार प्रत्येक निवासी और पर्यटक के लिए खूले रहते है। बिल्कुल उसी तरह  इस मंदिर के द्वार भी सभी जाति और अन्य धर्म के लोगों के लिए खोले गए है। देवी लक्ष्मी और भगवान नारायण की मुख्य मंदिरों की मूर्तियों बिरला मंदिर हजारों भक्तों को जन्माष्टमी और दिवाली के हिंदू त्योहारों पर आकर्षित करती है।

कहां पर स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर

हमें यकीन है कि जो लोग दिल्ली के है उन्हें इस ऐतिहासिक मंदिर की पूरी जानकारी जरुर होगी। लेकिन अगर आप दिल्ली से बाहर के है तो हम आपकी जानकारी के लिए बता देना चाहेंगे कि यह मंदिर, दिल्ली का दिल कहें जाने वाले कनॉट प्लेस के  मंदिर मार्ग पर स्थित  है। इस मंदिर तक परिवहन के सभी साधनों द्वारा आसानी से पहुंचा जा सकता है। यह हफ्ते के सातो दिन खुलता है।

लक्ष्मीनाारायण मंदिर- पता, समय, एंट्री, ऑफिशियल बेवसाइट

पता- गोल मार्केट के पास, मंदिर मार्ग, कनॉट प्लेस, नई दिल्ली

नज़दीकी मेट्रो स्टेशन- आर.के आश्रम मार्ग

खुलने का समय- सुबह 8 बजे से, रात 10 बजे तक

मंदिर अवकाश- कोई नहीं

मंंदिर में एंट्री- फ्री

फोटोग्राफी – फ्री,  लेकिन प्रार्थना में अनुमति नहीं

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